जानिए, शनिदेव के प्रकोप से बचने के अचूक उपाय…

-शनी देव के प्रकोप से बचने के उपाय –
हिंदू ग्रंथो के अनुसार शनिदेव हिन्दू धर्म के न्यायधीश कहलाते हे| शनी देव ही मनुष्य के अच्छे-बुरे कर्मो को फल देते हे और हिन्दू शाश्त्रो में तो शनिदेव को मनुष्य का भाग्य सवारने और बिगड़ने वाला माना गया हे| प्राचीनकाल से ही शनिदेव ने अपने गुस्से के चलते के कई राक्षस और दुष्ट प्रवत्ति वाले मनुष्य को नष्ट क्र दिया था| ये शक्तिया शनिदेव को ब्रह्मा, विष्णु और शिव से प्राप्त हुई हे| कहा जाता हे की,शनि देव किसी भी मनुष्य को अपनी शक्तियों से राजा को रंक बना देते हे|
हिन्दू धर्मं के अनुसार दण्डाधिकारी माने गये शनि देव का चरित्र भी सत्य को जीवन में अपनाने की ही प्रेरणा देता हे| शनिवार को शनिदेव की पूजा व उपासना बहुत ही शुभ माना जाता हे| यह असफलता, कलह, दुःख,से दूर रख कर सफलता, सोभाग्य व सुख लाती हे| हिन्दू ग्रंथो में शनिदेव को खुश करने के कई उपाय लका वर्णन किया गया हे| आज हम आपको शनिदेव को खुश करने के कुछ अचूक उपाय से परिचित करायेंगे|
* शनिदेव को प्रसन्न करने के अचूक उपाय –
१.) शनि देव को तेल चढ़ाते समय इन मंत्र का जाप करें :-
नमस्ते कोणसंस्थाय पिडगलाय नमोस्तुते। नमस्ते बभ्रुरूपाय कृष्णाय च नमोस्तु ते।।
नमस्ते रौद्रदेहाय नमस्ते चान्तकाय च। नमस्ते यमसंज्ञाय नमस्ते सौरये विभो।।
नमस्ते यंमदसंज्ञाय शनैश्वर नमोस्तुते। प्रसादं कुरू देवेश दीनस्य प्रणतस्य च।।

वैदिक शनि मंत्र :- ऊँ शन्नोदेवीर- भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः।

पौराणिक शनि मंत्र :- ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छाया मार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।

तांत्रिक शनि मंत्र :- ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

२.) सरसों के तेल से प्रसन्न होंगे शनिदेव :-
पोराणिक मान्यता हे की सूर्य देव से पूर्व पीपल की पूजा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हे|शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा कर सरसों का तेल में लोहे की किल चडाने से शनिदेव अत्यधिक प्रसन्न होते हे|

३.) ४३ दिन लगातार चड़ाए शनिदेव की मूर्ति पर तेल :-
शनिदेव की मूर्ति पर ४३ दिन तक (रविवार छोड़कर) तेल चडाने से शनि प्रसन्न होते हे| तेल चडाने की
क्रिया सूरज के उगते से ही शनिवार को प्रारंभ करनी चाहिए|

४.) दशरथ द्वारा लिखा गया दशरथ स्तोत्र का पाठ करें :-
प्रत्येक शनिवार को 11 बार महाराज दशरथ द्वारा लिखा गया दशरथ स्तोत्र का पाठ करे| शनि महाराज ने स्वयं
दशरथ जी को वरदान दिया था कि, जो व्यक्ति आपके द्वारा लिखे गये स्तोत्र का पाठ करेगा उसे मेरी दशा के दौरान कष्ट का सामना नहीं करना पड़ेगा। शनि महाराज प्रत्येक शनिवार, पीपल के वृक्ष में निवास करते हैं। इसदिन जल में चीनी एवं काला तिल मिलाकरपीपल की जड़ में अर्पित करके तीन परिक्रमा करने से शनि प्रसन्न होते हैं।

५.) मोतिदान करे :-
अगर आप शनि दोष से पीडि़त हैं तो इस दिन काली उड़द व कोयले की एक पोटली बनाएं इसमें एक रुपए का सिक्का रखें इसके बाद इस पोटली को अपने ऊपर से उसार कर किसी नदी में प्रवाहित कर दें जिसमें मछलियां रहती हों इससे शनि दोष का प्रभाव कम हो जाएगा।

६.) शनि से रक्षा करता है कच्चा सूत :-
शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के चारों ओर सात बार कच्चा सूत लपेटें इस दौरान शनि मंत्र
का जाप करते रहना चाहिए, धागा लपेटने के बाद पीपल के पेड़ की पूजा और दीपक जलाना अनिवार्य है।यह आपकी साढ़ेसाती की सभी परेशानियों को दूर ले जाता है। साढ़ेसाती के प्रकोप से बचने के लिए इस दिन उपवास रखने वाले व्यक्ति को दिन में एक बार नमक विहीन भोजन करना चाहिए।

७.) शनिवार को रखे उपवास :-
सभी शनि भक्त शनि के प्रकोप से बचने व शनिदेव को खुश करने के लिए शनिवार के दिन उपवास करे|इस से शनि देव शांत रहेंगे और आप पर कृपा करेंगे|

८.) काला धागा बांधे :-
शनिवार के दिन अपने हाथ की लंबाई का 19 गुणा लंबा एक काला धागा लें उसे एक माला के
रूप में बनाकर और अपने गले में धारण करें। ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होंगे और भगवान शनिदेव आप पर कृपा करेंगे।

९.) शनिवार को जलाएं दीपक :-
शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए, इसके बाद पेड़ के सात
चक्कर लगाने चाहिए। इससे शनि भगवान प्रसन्न होते हैं और आपकी मनोकाना पूर्ण करते हैं।

१०.) शनिदेव के मंदिर में जूते छोड़ आना :-
मान्यता है की शनिवार को जब आप शनिदेव के मंदिर में जाएं तो चमड़े के काले रंग के जूते पहन कर जाएं और वापसी पर नंगे पांव घर आएं। जिन लोगों की राशि पर साढ़ेसाती चल रही हो या राशिमें शनि अच्छे स्थान पर न हो उन लोगों पर जल्द ही शनिदेव की कृपा होगी।

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